Monday, September 20, 2010

आज मोहब्बत से मुलाकात हो गई




आज मोहब्बत से मुलाकात हो गई,
मेरी दिल की बातो मे वो कुछ ऎसी खो गई ,
जब पूछा मेने कि आती है याद मेरी ,
तो खामोश हो कर मेरी बाहो मे सो गई ॥

3 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

वाह वाह, सच्ची मुहब्बत लगती है.

रामराम

गिरीश बिल्लोरे said...

कभी कभार काफ़ी हाउस मे मिल जाया कीजिये भाई
अति सुन्दर

vishal said...

वाह! साब बहुत बढ़िया कविता हैं आपकी।
और इतनी लघु कि एसएमएस तक पर आ जाती हैं और हम दोस्तों से शेयर कर लेते हैं। अन्यथा न लें कृपया।