Saturday, September 25, 2010

याद मे


लोग अपनो को भुला देते है ,
वेबजह अपनो को रुला देते है ,
जो दिया रात भर रोशनी देता है,
सुबह होते ही लोग उसे बुझा देते है॥

2 comments:

शरद कोकास said...

वाह

vishal said...

लोग तो नहीं बुझाते साब! इससे मैं सहमत नहीं। स्वत: बुझ जाता है। हो सकता है काव्य रचना इस स्वतंत्रता की आजादी देती हो।