Friday, February 19, 2010

गम नहीं वहाँ



गम नही वहाँ जहाँ हो अफसाना आपका
खुशियाँ वहाँ ढूंढती है हर पल आशियाना आपका
आप उदास न होना कभी क्योकि ,
बहुत अच्छा लगता है हमें मुस्कराना आपका

एक लहर को प्यार था किनारे से ,
पर उसकी शादी हो गयी सागर से
किनारे की प्रीत लहर को खिंच लाती है ,
पर बदनाम न हो मोहब्बत इसलिये वो लौट आती है ।

पूछा मुझसे चांद सितारो ने ,
तुझे भुला दिया क्या तेरे जिगरी यारों ने ,
मैने मुस्कराते हुये कहा ,
भूल तो नहीं सकते , बस
लगे होगे कमीने किसी को पटाने मे.

मोम की तरह पिघलती है जिन्दगी,
गमों की आग मे जलती है जिन्दगी
ठोकर लगे तो गम मत करना
ठोकर खाने से सुधरती है जिन्दगी.

रात सुबह का इंतजार नही करती ,
खुश्बू मौसम का इंतजार नही करती ,
जो भी खुशी मिले जियो शान से ,
क्योकि जिन्दगी वक्त का इंतजार नही करती ,

हम तो कुछ न थे पर आपने बना दिया
इतना प्यार दिया की जीना सिखा दिया
र्दद लेकर हम आये है अकेले ,
आप जैसे दोस्त मिले तो हर गम भुला दिया ।

9 comments:

निर्मला कपिला said...

आप उदास न होना कभी क्योकि ,
बहुत अच्छा लगता है हमें मुस्कराना आपका

बहुत खूब
रात सुबह का इंतजार नही करती ,
खुश्बू मौसम का इंतजार नही करती ,
जो भी खुशी मिले जियो शान से ,
क्योकि जिन्दगी वक्त का इंतजार नही करती ,
बिलकुल सही कहा बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना के लिये बधाई ।

Udan Tashtari said...

चुनिंदा मुक्तक प्रस्तुत किये हैं. वाह!

महफूज़ अली said...

बहुत सुंदर और अच्छी लगी आपकी यह पोस्ट....

ताऊ रामपुरिया said...

वाह लाजवाब, बहुत ही सुंदर.

रामराम.

बवाल said...

वाह वाह संजू बाबा

साधवी said...

bahut sunder, sanjay ji.

HEMANT RATHORE said...

एक लहर को प्यार था किनारे से ,
पर उसकी शादी हो गयी सागर से
किनारे की प्रीत लहर को खिंच लाती है ,
पर बदनाम न हो मोहब्बत इसलिये वो लौट आती है

char panktiyon me 40 saal ka anubhav bhar diya ....bahut sundar

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

संजू भाई, सच्चे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं।
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बूझ सको तो बूझो- कौन है चर्चित ब्लॉगर?
पत्नियों को मिले नार्को टेस्ट का अधिकार?

मृत्‍युन्‍जय कुमार त्रिपाठी said...

You have wrotten very good.