
समीर लाल जी के नित नये रंग देखने मिलते हैं, उसी कड़ी में इसे जोड़ कर देखें. उनकी बहुमुखी प्रतिभा बरबस ही आकर्षित करती है कि एक व्यक्ति और रंग अनेक.
प्रणाम करता हूँ समीर जी आपको.
समीर जी से निवेदन है कि स्नेहाशीष बनाये रखिये हमेशा की तरह.
संजय के संदेश...