Wednesday, September 16, 2009

जिदंगी

जिदंगी को ऎसी कलपना समझॊ ,
रात कॊ सच सुबह कॊ सपना समझो ।
भुलाना चाह्ते हो अगर सभी जख्मो को,
तो जिंदगी मे किसी को अपना समझॊ ।

Tuesday, September 15, 2009

कितना मुश्किल है,

दिल के र्दर्द को छुपाना कितना मुश्किल है,
टूट कर फिर मुस्कराना कितना मुश्किल है ।
किसी के साथ दूर तक जाओ ,फिर अकेले आना कितना मुश्किल है

Monday, September 14, 2009

उस अजनबी क यू ना इंतजार करो

उस अजनबी क यू ना इंतजार करो,
इस आशिक दिल का ना एतबार करॊ ।
रोज निकला करे किसी की याद में आसूं ,
इतना कभी किसी से प्यार ना करॊ ।

ये हकीकत है

ये हकीकत है कही खवाब तो नही,
हमे कोई याद करे ऎसी कोई बात नही ।
फिर भी ना जाने क्यू एह्सास हुआ,
जैसे किसी ने याद किया वो आप तॊ नही ।

Friday, September 11, 2009

अब उदास होना भी अच्छा लगता है

अब उदास होना भी अच्छा लगता है ,
किसी का पास होना भी अच्छा लगता है ,
मै दूर रह कर किसी कि यादो मे हू ,
यह अह्सास भी होना अच्छा लगता है ।

Tuesday, July 28, 2009

कितनो की तकदीर बदलनी है |
कितनो को सही रास्ते पर लाना है|
अपनी हाथ की लकीरॊ कॊ मत देखो |
तुम्हे तो लकीरो से भी आगे जाना है |


हमारे आंसू पोछ कर वो मुस्कराते है|
अपनी इसी अदा से बो दिल को चुराते है|
हाथ उनके छू जाये हमारे चेहरे को|
इसी उम्मीद मेहम बार बार खुद को रूलाते है ।


दिल की दुकान रूक सी गयी है |
सांसे मेरी थम सी गयी है |
दिल के डाक्टर से हमे पता चला |
इस दिल मे आपकी यादे जम सी है |